मानो, मानव का जीवन है भगवत्कथा। और संसार की सब कथा है व्यथा।।
यह मनुज तन मिला पूर्ण सत्संग हित।ये कथा ही है सत्संग और सब अहित।
मान लो प्रेमियों जीव जीवन कथा। क्या गवाँओगे अवसर वृथा ही वृथा।
मानो, मानव का जीवन है भगवत्कथा।और संसार की सब कथा है व्यथा।।
श्यामाश्याम की कथा कर्ण कुहरों भरो।
मत करो व्यर्थ जीवन अहं ना करो।।
जानकी के अनुज की कथा में बहो।
जानकीनाथ गुन सुन, उनको गहो।।
मानो मानव का जीवन है भगवत्कथा।
और संसार की सब कथा है व्यथा।।
नहीं होता किसीका आगे पतन।भक्त भगवत कथा में लगे जब ये मन।।
भक्त भगवत कथामृत में रहें जब मगन।
लक्ष्य पूरित हो नर तन हरी के शरन।।
मानो मानव का जीवन है भगवत्कथा।
और संसार की सब कथा है व्यथा।।
हरिगुरुसन्तः शरणम्।
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