अकलकरुणाकलाकलित कालकृपाकार
कारकपल-पल-पालक सर्वकारणकारण
हारकहरहरक्षणकणकणरणितायमान
सर्वप्रिय प्रेरकसमस्तकरण-कारण
सर्वजिद्रण चिदानन्दसन्दोह
अपाकृतमहामोह चित्तहारक हरहर मनोहरहरि दृष्टदर्शनभक्तजन
-हेतुग्रहणमायातीतगुणाकार
चिन्मयामायामायातीतदेहाकार
दिव्यजन्मकर्म धारितजगजीवमर्म
अनघ अघओघसमुत्सारित
कृपापारावारवारितभव भवानीश
अजोपियोगमायाकर्षितप्रकाशित
अधर्मधारणधुरीणधराशायीकृत
परित्राणसाधुसन्तसज्जनजीवन
धर्मधौरेयाधारधाराधारिततनु
भक्तजनपार-पारावार-वश्यपराकृष्ट
अक्लिष्टसाधननाम-नमनीय
कलिकालक्लान्तजन-नामरूपाकार
ध्यानरूपनाम-मनन-मथित-मानस-मन
सर्वसेवकध्यानसातत्याचिरचरचरण
नष्टभ्रष्टागणितजन्मकर्मजालज्वालक
पालकशरणागतसततदीनबन्धु
दयासिन्धुमहामहनीय सन्तहृन्निवास
पूज्यमानभक्तसन्तसन्तानतानित
स्वतःपूजायमानतद्हृदयवर्तमान
अमानमानद सर्वार्तिसमुत्सारित
सर्वानुग्रहकारक नवग्रहविपरीतफलहारक
मारकविदारक-कामादिषड्रिपु
स्वयमेवासनधर्ताभक्तभावभावनासीन
गुणगण प्रभु! त्रिकालस्मरणकारको भव।
गुरुहरी शरणम्