भक्ति, भक्त, भगवान और गुरु ये चारों नाम अलग अलग है ।किन्तु इनका विग्रह मिलकर एक ही है। इनके चरण वन्दन या इनके चरण का आचरण करने पर सारी बाधायें स्वतः निर्मूल हो जाती है -“भक्ति भक्त भगवन्त गुरु चतुर नाम वपु एक इनके पद वन्दन किए नाशैं विघ्न अनेक।”
||हरि:शरणम्||